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| कलंक होगे मातृभूमि राष्ट्रहित पर |
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पैरविकार करे जो आतंकवाद पर ,
कैसे मुकाबला कर पाओगे !
भ्रष्टाचार आराजक अर्थव्यवस्था पर ,
भ्रष्टाचार आराजक अर्थव्यवस्था पर ,
सम्भले क्या समझाओगे !!
किसी गरीब किसान के मौत पर
झूठा अफसोस जताओगे !
भूखे बेघर बच्चे को फूटपाथ पर ,
अखबार ओढकर सोते पाओगे !!
पढे लिखे युवाओं के कौशल पर,
सरे आम मजाक उडवाओगे !
देश की दुर्व्यवस्था अपमान पर ,
जिम्मेदार किसे ठहराओगे !!
बलात्कार उत्पीड़न होगे चौराहो पर,
इज्जत कहा छुपाओगे !
माँ बहन बेटी से क्या सगे रिश्तों पर,
अपना फर्ज निभाओगे !!
प्रजातंत्र लोकतंत्र कभी सर्व समाज पर ,
वफादार नहीं हो पाओगे !
कलंक होगे मातृभूमि राष्ट्रहित पर,
अगर वोट देने नहीं जाओगे !!
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