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Sunday, 26 May 2019

देखा अनदेखा भारतीय आडम्बर

देखा अनदेखा भारतीय आडम्बर 
सबकुछ सर्वविदित होते हुए भी लोगों के कुंठा और असंवेदनशील व्यक्तित्व ने मर्यादित जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया हैं!

प्राकृतिक जो इंसान को मिला हैं शारिरीक, मानसिक, व्यवहारिकता मे उसे इतना अपवादित क्यों कर दिया गया!

पढि लिखी तो कुछ ठीक पर गाँव की महिलाओं मे इन सभी बातों पर बहुत अवहेलना होती हैं! वह हर समय अपने को इन्हीं छुट पुट संसकृति संसकार के नाम पर खुद को मनोरोग से पीडित कर लेती है!

माँ अपने बच्चे को स्तनपान कराती हैं तो बच्चे को आँचल से ढक लेती हैं क्यों?

#ताकी स्तनपान करते बच्चे को कीसी की नजर ना लगे !

#बच्चा सहजता से बिना कीसी असमंजस के भूख मिटा पाता हैं!

और एक कारण...

#कुछ एकाध लोगों की रूढ़िवादिता , वाहियात नजरिया हैं ...

घूंघट करो ,यहा मत जाओ, ए मत करो ,ए तुम्हारे लिए नहीं ..

जीवन किसी और का हुकुम पालन कीसी और का
क्यों नहीं घुटन होगा ऐसी जिंदगी से !

माँ के गोद में बच्चा यह भी औरत का श्रृंगार और कुदरत का आशीर्वाद हैं!

खुद के स्वभाव और मातृत्व के लिए हम सभी का मानसिकता प्रेरक होना चाहिए!

रिवाजों ने औरत को दिया परम्परा मर्जाद घर का !
लछमी सा शृंगार दिया क्यों थोपा कलंक डर का !!

🤔🤔

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