![]() |
| बचपन की कुछ बात. |
********
तूतू मैमै झूठी कस्मो की बोली,
Popins की मीठी मीठी गोली !
हो हल्ला करता मस्त ठीठोली ,
शरारती कुछ बच्चों की टोली !!
त्योहार सा लगता गर्मी की छुट्टी,
नाना नानी के घर मजे हमजोली !
अपने मर्जी के दिन हुआ करते थे,
होती थी दीवाली ईद और हौली !!
लालच से बिगड़ा पर भला मन ,
कभी न भरता था जेब व झोली !
चकाचौध में उलझे बिलझे अपने,
समझौतों थे जिद से हरफनमौली !!
दादा दादी के खेवनहार होशियार,
प्यार दुलार करते आंखमिचौली !
आंगन की खुशियां हमसे होती थी ,
बचपन की थी आशाए बड़ भोली !!
********








0 comments:
Post a Comment