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Saturday, 9 December 2017

बचपन की कुछ बात...

बचपन की कुछ बात.

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तूतू मैमै झूठी कस्मो की बोली,

Popins की मीठी मीठी गोली !


हो हल्ला करता मस्त ठीठोली ,

शरारती कुछ बच्चों की टोली !!



त्योहार सा लगता गर्मी की छुट्टी,

नाना नानी के घर मजे हमजोली !


अपने मर्जी के दिन हुआ करते थे,

होती थी दीवाली ईद और हौली !!



लालच से बिगड़ा पर भला मन ,

कभी न भरता था जेब व झोली !


चकाचौध में उलझे बिलझे अपने,

समझौतों थे जिद से हरफनमौली !!



दादा दादी के खेवनहार होशियार,

प्यार दुलार करते आंखमिचौली !


आंगन की खुशियां हमसे होती थी ,

बचपन की थी आशाए बड़ भोली !!


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