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Sunday, 5 August 2018

दोस्ती के अलबेले साथ

दोस्ती के अलबेले साथ

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बचपन से अब तक 
खुशियों का कारण ऐ खट्टे-मीठे जज्बात !
इन यादों में बातो में 
अगर कुछ हैं तो दोस्ती के अलबेले साथ !!

कच्ची पक्की सी दुश्मनी 
नन्ही उँगलियों के मिलने से भूल जाना !
दोस्त के यारी पर कभी 
अपनी जिद भी मन मुताबिक हार जाना !!

अल्हड़ता की मौज यही 
तकरार राढ़ संग मिलते सच्चे-अच्छे बात !
इन जरूरतों में सलाह में 
अगर कुछ हैं तो दोस्ती के अलबेले साथ !!

आत्मविश्वास का एक आधार 
निभता जीवन अमिट वचन सा व्यवहार !
मायूसी एकांत दौर में यह 
उल्लास जताता मनता जैसे हो त्यौहार !!

दुनिया की हर जीत यही 
सभी मनो के भावो में मुस्कुराता सौगात !
दरियादिली में खुशनसीबी में 
अगर कुछ हैं तो दोस्ती के अलबेले साथ !!

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