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| दोस्ती के अलबेले साथ |
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बचपन से अब तक
खुशियों का कारण ऐ खट्टे-मीठे जज्बात !
इन यादों में बातो में
अगर कुछ हैं तो दोस्ती के अलबेले साथ !!
कच्ची पक्की सी दुश्मनी
नन्ही उँगलियों के मिलने से भूल जाना !
दोस्त के यारी पर कभी
अपनी जिद भी मन मुताबिक हार जाना !!
अल्हड़ता की मौज यही
तकरार राढ़ संग मिलते सच्चे-अच्छे बात !
इन जरूरतों में सलाह में
अगर कुछ हैं तो दोस्ती के अलबेले साथ !!
आत्मविश्वास का एक आधार
निभता जीवन अमिट वचन सा व्यवहार !
मायूसी एकांत दौर में यह
उल्लास जताता मनता जैसे हो त्यौहार !!
दुनिया की हर जीत यही
सभी मनो के भावो में मुस्कुराता सौगात !
दरियादिली में खुशनसीबी में
अगर कुछ हैं तो दोस्ती के अलबेले साथ !!
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