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Saturday, 7 April 2018

खिलौना

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" भय से बच्चा छुप मां के आंचल में जब जाता हैं!
सच में वह दुनिया के हर बला से बच जाता हैं!!"

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"जो नहीं अब वो जीवन सलोना ढूढता हैं!
कभी-कभी सुकून का बिछौना ढूढता हैं!
बड़ा होकर भी दिल बच्चा ही रह गया !
अभी भी बचपन का वो खिलौना ढूढता हैं!!"

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"नारी ने भी अपनी सारी हदे,मर्यादा,लाज उतार दिया !
जिस दिन लोगों ने नजर से उसका जिस्म उघार दिया !!"

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