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Saturday, 7 April 2018
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ख्वाहिशें .....
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@rvind Tiw@ri
April 07, 2018
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MRImage#01
*****
"
कोई मुसलमान तो कहे अपनाओ हिन्दू भेष !
रत्ती भर कुंठा और खाक हो रहा अपना देश !!"
******
MRImage#02
*****
"
कही अनकही सुना अनसुना खुदगर्ज हुआ मन ,
मतलबी नीयत अनभला सा चुप नजर हो रखा हैं !
मोल भाव जिदंगी का इस तरह बिका हुआ तन,
चन्द जरुरतों मे कई ख्वाहिशें दर बदर हो रखा हैं!!"
******
MRImage#03
*****
"
हाल ए हैं गालिब अब ,
मोहब्बत का भी कारोबार किया जाता हैं !
.
दिल खाली हैं आज कल,
बड़े अखबारों में ईश्तिहार दिया जाता हैं !!"
*******
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