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Saturday, 7 April 2018

ममत्व...

MRImage#01
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"ममत्व यही बच्चे की खुशी देखकर !
वो भी हंसता है मां की हंसी देखकर !!
शब्द-भेद जहां का हमे सिखाती है !
मां खुद जूझकर जीवन समझाती हैं !!"

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MRImage#02
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"छत ना छप्पर फिर भी न गम जताता हूं !
बेफिक्री मेरी देख मैं कैसे मुस्कुराता हूं !!"

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MRImage#03
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"कुछ लोगों को क्या मतलब,
कोई मरता हैं तो मर जाए !
चमकती इमारतें शोहरत मिले ,
तो सारा शहर जल जाए !!"

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