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| विश्व_गौरैया_दिवस |
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जाने क्यो दूर का संदेश कहने नहीं आती ,
आंगन में अब चिड़िया चहकने नहीं आती !!
चुगने बिखरे दाने पंख फड़फड़ाने को,
छज्जो पर घोसला बनाने नहीं आती !!
आंगन में अब चिड़िया चहकने नहीं आती !!
छत पर मडराने एक जुट शोर मचाने ,
खिड़कियों पर बैठ बतलाने नहीं आती !!
आंगन में अब चिड़िया चहकने नहीं आती !!
पानी में छपछपाने टंगे आईने में इतराने ,
घोसले का सूखा तिनका उठाने नहीं आती !!
आंगन में अब चिड़िया चहकने नहीं आती !!
अम्मा के रखे धूप में गेहूं दाल खाने ले जाने ,
जीवन का खुशनुमा पल लेकर नहीं आती !!
आंगन में अब चिड़िया चहकने नहीं आती !!
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