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Tuesday, 13 March 2018

हालात-ऐ-जिंदगी......

ऐ तस्वीर जो सोशल मीडिया पर मिला ..हालांकि ए अपने आप में ही बहुत कुछ बयां करता तस्वीर है ..पर आदतानुसार एक छोटा सा प्रयास हैं ......🙏 
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हालात-ऐ-जिंदगी

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हालात-ऐ-जिंदगी पर क्यु आजमाते हैं ! 
अमीरी आंक के गरीब हमे बताते हैं !!
बहुत कमियों का रोना रोते रहे हर दम ! 
चन्द जरुरतों पर हमारे दु:ख जताते हैं !! 
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आलीशान मकानों में करवट बदलने वाले !
पूंछते हैं फुटपाथ पर हम कैसे सो जाते हैं !!
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मंहगे रश्मों रिश्तों की तादाद जो बे-गैरत ! 
जिंदादिली हमारी जानकर उदार होजाते हैं !!
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ख्वाहिशों पर पल रहा ख्वाब किसी का ! 
हम तो आज में जीते और मर जाते हैं !! 
लाख खुशियाँ बटोर कर भी सुकून नहीं ! 
हैरत में हैं दुनिया ऐ कैसे मुस्कुराते हैं !!

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