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Monday, 19 January 2015

भरूच स्टेशन :::


 भरूच स्टेशन
मैं: मासी अमरूद कैसे किलो हैं?
मासी : ६० रुपये किलो हैं।
मै : ५० रुपये लगाइएगा ।
मासी : ठीक हैं ले जाअो ।
अाज सुबह तकरीबन ११ बजे भरुच ( गुजरात ) स्टेशन के सामने मासी टोकरी लगाए अमरुद बेच रही थी,इस मोल भाव के अन्तराल मुझमे एक मातृत्व सा सम्पर्क लगा । अमरूत तौलने के बाद मासी मर्जी से एक अमरूद काटकर देते हुए बोली ,
मासी : एक खाते हुए चले जाअो ।
मैं: ( एक टुकड़ा लेते हुए ) पर मासी अापका नुकसान होगा ?



मासी : कोइ नही बेटा खा लो ।
मैं: ( प्यार से मासी से दिए अमरुद खाते हुए ) धन्यवाद मासी 😶
अौर वहा से निकल पड़ा ।
इस अाभार अौर अाबभास से तन मन प्रफुल्लित था ,शुक्रगुजार हैं एसे प्रकृती का जो छल रहीत हृदय परीवर्तन करता हैं ।
यहाँ मोल भाव या हानी लाभ से मेरा कोइ मतलब नही हैं ,बस ए बतलाना चाहता हु ,एसे लोग जो चौराहे या रास्ते पर जीवन के परिस्थितियों से निबहते रहते हैं ,उनके साथ हमे सम्मान ,समर्थन अौर सहानुभूति रखना चाहीए । बदले मे हमे ना सिर्फ एक अन्दरुनी अानंद विचार होगा बल्कि प्यार ,सम्मान अौर इश्वरीय अाशिर्वाद का सौभाग्य प्राप्त होता हैं।
धन्यवाद ।

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