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Tuesday, 5 April 2011

याद आते है वो ...

बचपन की यादें

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बीते दिन अपने ही अब किस्से कहलाते हैं,
उन्ही बातो से कभी-2 दिल बहलाते है !
पन्ने यु पलट दिए वक़्त ने जीवन के ,
याद आते है वो फिर नहीं आते है  !!.

याद आते है वो ............!!

बचपन हॅसते हॅसते भोलेपन से ,
दुपहरिया खेल खिलोनो संग बिताये है !
सच्चे अच्छे मन के अपने भी दिन थे ,
लम्हे पलकों पर ख्वाब से सज जाते है !!

याद आते है वो ............!!

किताबो से भरा बस्ते का बोझ उठाना ,
सुबह-2 तैयार होकर स्कूल जाना!
घंटी गिनना आखिरी वाली कब बजेगी ,
पल बिसरे यु ही लौट हर शाम आते है !! 

याद आते है वो ............!!

कुछ बदमाशियां बड़ो से डॉट पड़ना ,
कभी- 2 आपसी बातो पर ही वो लड़ना !
फिर मिल जाना कुछ चीजों का बाटना ,
ख़ुश देख हम भी ख़ुश हो जाते है !!

याद आते है वो ............!!

दोस्तों से वादा साथ न छोड़ेंगे  ,
उम्र भर हम रिस्ता न तोड़ेंगे !
दूर ऐसे हुए वादे अधूरे रह गए ,
मिलना उनसे कहा जो बिछड़ जाते है !!
 
याद आते है वो ............!!

बढ़ती गयी ज़िन्दगी इस तरह राह पर ,
की रुके नहीं अब तक चलना हम भी .
गुजरते वक़्त के साथ बात बीत जाते है ,
न दोस्ती न वो दिन सिर्फ याद राह जाते है !!

याद आते है वो ............!!
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