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Thursday, 31 March 2011

तुम बिन नादाँ दिल ....

ITS ME
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तुम बिन नादाँ दिल गुमराह हो जाता है,
किस ओर कौन से रास्ते जाऊ मंजिल है कहा !!

रहगुजर हमसफ़र हो जहा मेरे तुम ,
वक़्त साँसों का हसरते लूट जाये वहा !
जहा दुनिया में और भी चाहने वाले या ,
अधूरी तलब मेरी मुहब्बत हो जहा !!

राज ऐ महसूस हमें आह हो जाता है ,
किस ओर कौन से रास्ते जाऊ मंजिल है कहा !!

तरन्नुम  हक़  हो  की  जी  लू  बेबस  पल, 
अंजुमन  हो  उनके  दामन  का  सहारा !
सिक्वे  हज़ार  होते  है  तुम  बिन  दिल  को ,
फिर  भी  कोई  तुमसा  नहीं क्यों  प्यारा !!

बिखरे आशाओ का शहर हो जाता है ,
किस ओर कौन से रास्ते जाऊ मंजिल है कहा !!

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