Pages

Saturday, 15 February 2020

इस दिल के अब

इस दिल के अब 

*************************
इस 👉💔 दिल के अब 
दो ही हकदार हैं ?

एक मतलबी दुनिया ....
इस्तेमाल होगा बिखर जाएगा 
😒😔

दूसरे तूम हो ....
परवाह होगा फिर सँवर जाऐगा 
😌😌

**********************************

बेबाक सारे शहर भर शोर मचाता हैं ,
ख़्वाहिशों मे सँवर क्यों नहीं जाता हैं !
इबादत सा हैं ऐ गुमनाम अपनापन ,
एक तुम्हारे समझ क्यों नहीं आता हैं !!

*************************************

ख़ुशनसीब लम्हे खुशियाँ-ऐ-खयाल ,
तुमसा कोइ बहार का शबाब नहीं हैं !
इजहार-ऐ-मोहब्बत खूबसूरत करदे,
तुमसा कोइ बाग का गुलाब नहीं हैं !!

**************************************
मेरा यार भी कितना झूठा आँखो से सच छुपाता हैं!
इधर ऊधर की बाते करके अपना दिल बहलाता हैं !!
मालूम हैं हमे उसकी हर आदत मासूमियत रगों की !
वो मुस्कुराकर अधूरे ख्वाबों पर खुशियाँ जताता हैं !!

********************************

दुनिया कहती हैं तो 

कभी परवाह नहीं ....
कभी गुस्सा आ जाता हैं 

एक तुम "पागल" बुलाते हो 
जाने क्यों अच्छा लगता हैं 


**************************


0 comments:

Post a Comment