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| वो प्यार है,वो प्यार है !! |
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जीवन के किसी राह-डगर में ,
मिल जाये कोई अंजाना !
न जाने क्यों पड़ जाये ,
जब उसको अपनाना !!
वो प्यार है ,वो प्यार है !!
इक बोली वो मीठी-मीठी,
छु जाये जो तन-मन को !
इक नजर वो तीखी-तीखी,
बिसरा जाये जो सुध-बुध को !!
वो प्यार है,वो प्यार है !!
नयी सुबह सी अंगड़ाई का,
रोज रोज का वो तरसना !
जैसे चाँद चकोरी का ,
पल पल का वो अफसाना !!
वो प्यार है,वो प्यार है !!
भवरें की प्यास बुझे क्यों ,
बागों के कुछ फूलों से !
मोर मचल जाये क्यों,
सावन के कुछ बूंदो से !!
वो प्यार है,वो प्यार है !!
तड़पाये क्यों मन मंजर को ,
ओझल हो वो आँखों से !
पलके भीग भला क्यों जाती ,
गुजरे वो कुछ यादों से !!
वो प्यार है,वो प्यार है !!
जीवन के किसी राह-डगर में ,
मिल जाये कोई अंजाना !
न जाने क्यों पड़ जाये ,
जब उसको अपनाना !!
वो प्यार है ,वो प्यार है !!
इक बोली वो मीठी-मीठी,
छु जाये जो तन-मन को !
इक नजर वो तीखी-तीखी,
बिसरा जाये जो सुध-बुध को !!
वो प्यार है,वो प्यार है !!
नयी सुबह सी अंगड़ाई का,
रोज रोज का वो तरसना !
जैसे चाँद चकोरी का ,
पल पल का वो अफसाना !!
वो प्यार है,वो प्यार है !!
भवरें की प्यास बुझे क्यों ,
बागों के कुछ फूलों से !
मोर मचल जाये क्यों,
सावन के कुछ बूंदो से !!
वो प्यार है,वो प्यार है !!
तड़पाये क्यों मन मंजर को ,
ओझल हो वो आँखों से !
पलके भीग भला क्यों जाती ,
गुजरे वो कुछ यादों से !!
वो प्यार है,वो प्यार है !!
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