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| याद और यादों की बात |
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बीती यादों में युं शाम का मिजाज बदलता हैं !
महसूस जाने क्या वो उदासिया सा ढलता हैं !!
महसूस जाने क्या वो उदासिया सा ढलता हैं !!
बार बार चित्राधार पर पुरानी तश्वीरे झांकना !
धुंध सा रह सह मध्यम आंधिया सा उड़ता हैं !!
धुंध सा रह सह मध्यम आंधिया सा उड़ता हैं !!
मौसम के रुझान बस बिखरे परिन्दो के बसेरे !
तिनकों का बना दिल आशियां सा बसता हैं !!
तिनकों का बना दिल आशियां सा बसता हैं !!
छिटकारे बूंदो के दे मारे हो आधी निंदो को !
जागती आंखों में मानो ख्वाबो सा पलता हैं !!
जागती आंखों में मानो ख्वाबो सा पलता हैं !!
उन पहलुओं की जिद फिर मन को चिढ़ाता !
रह गयी जो बात वो खामियां सा खलता हैं !!
रह गयी जो बात वो खामियां सा खलता हैं !!
जब याद आता लौट आता काश बीते दिन !
आधा पौना कम जदा खुशियां सा लगता हैं !!
आधा पौना कम जदा खुशियां सा लगता हैं !!
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