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Wednesday, 11 September 2013

!! चौराहा !!



चौराहा
This is just a view of fourway relate with life living of us so enjoy :)

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आते जाते हज़ारो की कई रहे भी बदल जाते है !
जीवन के छड़ रूप चौराहे पे झलक जाते है !!

सड़को किनारे जमे कतारों में ठेले ,
शोर शराबा आते जाते लोगो के मेले !
न मालूम कौन कहा से आया कहा जा रहा है ,
कुछ को देखा है मस्ती में घूमते अकेले !!

अाककर मंजर भी मोड़ से एक हो जाता है !
जीवन के छड़ रूप चौराहे पे झलक जाते है !!

रोजमर्रा की रोजी क्या कमाने का जरिया ,
खरीदारी शौक से कही तेवर के दिखते अंगड़ाइयां !
मेहनत मसक्कत कही ताकत का एक्का ,
खनकते कटोरे में कही वो मदद का सिक्का !!

है भूले भटके भी यहाँ कई अजनबी संभल जाते है!
जीवन के छड़ रूप चौराहे पे झलक जाते है !!

बड़े पोस्टरों का दीवारों पे विज्ञापनों का दिखावा ,
हकीकत से बेखबर हम भोली भाली जनता से छलावा !
मिलावट का प्रस्ताव भाव मरहम मिटा नहीं सकता घाव ,
पानी महंगा है ठंडा से रोटी से ज्यादा बिकता भाजी पाँव !!

सुकून धूप में महंगाई के छांव में जल जाते है!
जीवन के छड़ रूप चौराहे पे झलक जाते है !!

बड़े तव्वज्जुब से चेक पोस्ट पे बैठे इज्जत से सरकारी चोर ,
भिन्न भिन्न है हाल और बोली चलती है राजनीति की चाल !
ज्यादा नहीं शयाना पट्टी गुंडागर्दी से दिल मांगे मोर ,
क्रोध मोह छल कपट की बानी धर्म कर्म सब माया जाल !!

नाराजी है मन मुटाव चलते चलते आपने हो जाते है !
जीवन के छड़ रूप चौराहे पे झलक जाते है !!

सवित्री अनसुइया के चरित्र को यहाँ फैशन से आँका जाता है ,
बात बात पे मर्यादा समाज का बड़े सस्ते में बिक जाता है !
अधूरी सी जिज्ञाषा है कही बेपरवाह सी हरकते भी ,
कही ठहाके वक़्त-ऐ-नसीब पे कही मिल बाटकर कोई जीता है !!

ज़िंदगी के बदलती दुनिया की कहानी बतलाते है !
जीवन के छड़ रूप चौराहे पे झलक जाते है !!
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2 comments:

  1. True1 n fact of evry1's life also.. .n chouraho pe jiti zndagi. Hi hme si mayne zndag ka mtlb smjati hai.!!

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    1. hi Ranjana ya see every corner fulfil with diff people & diff lyf styl n thanks regards ( Aap ka swagat hai )pls go option join this site !!

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