Welcome Friends
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कदम आगे बढ़ाते रहे ,
दरारे एड़ियों में किश्मत की !
परछाई साथ साथ हैं ,
और कुछ वो पीछे हो गये !!
बहुत दूर से चले आ रहे ,
आखिरी पड़ाव जाना हैं !
कुछ पाया कुछ खोया ,
और कुछ भूले बिसरे हो गये !!
संजोए आंखों की नींद में,
सपने अपने साकार होने वाले !
तलब बाकी अभी आंखों में हैं ,
और कुछ नींद अधूरे हो गये !!
हंसी में दिल के
गहरे घाव रहे,
कुछ सामाजिक कुछ औपचारिक !
निबाह किया बे-अदब जमाने से,
कुछ रीति वो पहरे हो गये !!
बांटी खुशियां गमो के बदले,
बदनाम हुए दिल वालो में ऐसा !
आज सुख से हैं जीवन उनका ,
मानो तेरे अश्क सुनहरे हो गये !!
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