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Tuesday, 29 March 2011

तेरे अश्क सुनहरे हो गये ....

Welcome Friends

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कदम आगे बढ़ाते रहे
दरारे एड़ियों में किश्मत की
परछाई साथ साथ हैं
और कुछ वो पीछे हो गये !! 

बहुत दूर से चले रहे
आखिरी पड़ाव जाना हैं
कुछ पाया कुछ खोया
और कुछ भूले बिसरे हो गये !! 

संजोए आंखों की नींद में
सपने अपने साकार होने वाले
तलब बाकी अभी आंखों में हैं
और कुछ नींद अधूरे हो गये !! 

हंसी में दिल के गहरे घाव रहे
कुछ सामाजिक कुछ औपचारिक
निबाह किया बे-अदब जमाने से
कुछ रीति वो पहरे हो गये !! 

बांटी खुशियां गमो के बदले
बदनाम हुए दिल वालो में ऐसा
आज सुख से हैं जीवन उनका ,
मानो तेरे अश्क सुनहरे हो गये !!
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